खाने की थाली में खतरा: एक्सपायरी मिटाकर दोबारा बिक्री से लेकर ऑनलाइन डिलीवरी तक
🔴 बेंगलुरु में बड़ी कार्रवाई
सितंबर 2026 में कर्नाटक Food Safety and Drugs Administration ने बेंगलुरु और आसपास कई food-storage तथा supply facilities की जाँच की।
इसके अलावा लगभग ₹4.02 लाख की ऐसी दवाएँ भी जब्त की गईं जिन्हें बिना वैध लाइसेंस के store किए जाने का आरोप था।
🔴 दिल्ली में expiry date बदलने का आरोप
जुलाई 2026 में दिल्ली के Okhla Industrial Area में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई ने एक गंभीर तस्वीर सामने रखी।
रिपोर्टों के अनुसार पुराने food products पर नई तारीख और labels लगाकर उन्हें दोबारा बाजार में भेजने का आरोप सामने आया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ऐसा माल e-commerce supply chain तक पहुँचता है, तो वह कितने लोगों तक पहुँच सकता है?
🚆 रेलवे स्टेशनों पर भी सवाल
अगस्त 2026 में कर्नाटक के 36 रेलवे स्टेशनों पर 112 food establishments की जाँच की गई।
- Expired दूध और curd
- भोजन को newspaper में रखना
- अनुपयुक्त containers में food रखना
- कुछ products पर labelling की कमी
- कुछ मिठाइयों में गैर-अनुमत रंगों के इस्तेमाल का संदेह
- कुछ vegetables में fungal growth
हालाँकि इसी अभियान में Vande Bharat के pantry areas को साफ पाए जाने की भी जानकारी सामने आई।
🟠 Swiggy Instamart पर नौ नोटिस
जुलाई 2026 में FSSAI ने Swiggy Instamart को नौ notices जारी किए। इनका संबंध उपभोक्ताओं की उन शिकायतों से था जिनमें expired, spoiled, rotten या contaminated food products मिलने के आरोप शामिल थे।
शिकायतों में expired whey protein, खराब अंडे और अन्य food products का उल्लेख किया गया।
❓ असली सवाल supply chain का है
समस्या केवल किसी एक दुकान, warehouse या online platform तक सीमित नहीं है। पूरी supply chain को जवाबदेह बनाना जरूरी है।
अगर किसी warehouse में बड़ी मात्रा में expired food मिला, तो सवाल यह भी होना चाहिए कि वह सामान वहाँ तक पहुँचा कैसे?
अगर expiry date बदलने का आरोप सामने आता है, तो उस माल का source कौन था और वह कितने स्थानों तक पहुँचा?
📢 जनता को केवल छापे नहीं, परिणाम चाहिए
सरकार द्वारा की जा रही छापेमारी जरूरी है। लेकिन कार्रवाई की असली सफलता केवल जब्त किए गए सामान की कीमत से नहीं, बल्कि उसके परिणाम से मापी जानी चाहिए।
- कितने मामलों में FIR हुई?
- कितने मामलों में prosecution शुरू हुआ?
- कितने मामलों में दोष साबित हुआ?
- कितनों को सजा मिली?
- कितने licences suspend या cancel हुए?
- कितने products market से recall किए गए?
जनता जानना चाहती है — उसके बाद क्या हुआ?
🇮🇳 सरकार से सीधे सवाल
क्या भारत की food-safety व्यवस्था इतनी मजबूत है कि expired food को दोबारा बाजार में पहुँचने से पहले ही रोका जा सके?
क्या online और quick-commerce supply chains की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय है?
क्या expiry बदलने वाले पूरे network की जाँच होगी या केवल माल जब्त करके मामला खत्म हो जाएगा?
अगर अपराध साबित होता है, तो क्या दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई होगी जिससे भविष्य में कोई ऐसा करने की हिम्मत न करे?
✍️ कलम की आवाज़ का सवाल
खाद्य सुरक्षा कोई छोटी regulatory समस्या नहीं है। यह सीधे जनता के स्वास्थ्य, जीवन और विश्वास से जुड़ा मामला है।
सरकार कार्रवाई करे—लेकिन कार्रवाई का परिणाम भी जनता के सामने आना चाहिए।
जनता को न्याय का परिणाम चाहिए।
— कलम की आवाज़
“जहाँ सवाल जनता का हो, वहाँ कलम खामोश नहीं रहेगी।”

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