🇮🇳 15 अगस्त और बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की स्वतंत्रता की दृष्टि 🇮🇳 स्वतंत्रता केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि समानता और न्याय की स्थापना है 15 अगस्त 1947 भारत के इतिहास का एक ऐतिहासिक दिन था। इसी दिन भारत ने ब्रिटिश शासन से राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त की। लेकिन बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिए स्वतंत्रता का अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति तक सीमित नहीं था। बाबासाहेब के लिए स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ बाबासाहेब ऐसे भारत की कल्पना करते थे जहाँ किसी व्यक्ति का भविष्य उसकी जाति, जन्म, लिंग या सामाजिक स्थिति से तय न हो। उनका संघर्ष केवल अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध नहीं था, बल्कि उस सामाजिक व्यवस्था के विरुद्ध भी था जिसमें करोड़ों लोगों को जन्म के आधार पर ऊँचा-नीचा माना जाता था। उनके लिए सवाल यह था कि अगर देश राजनीतिक रूप से आज़ाद हो जाए, लेकिन समाज का एक बड़ा हिस्सा जातिगत भेदभाव, छुआछूत, गरीबी और अवसरों की कमी से जूझता रहे, तो उस स्वतंत्रता का लाभ आखि...
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