14 लिखित आपत्तियाँ, 16 बड़े सवाल: चुनाव आयोग से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कलम की आवाज़ | विशेष लेख भारत में चुनाव केवल मतदान की प्रक्रिया नहीं हैं। मतदाता सूची, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा लोकतंत्र की बुनियादी शर्तें हैं। ऐसे में जब चुनाव आयोग के भीतर से ही महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को लेकर सवाल सामने आएं, तो उनका स्पष्ट जवाब मिलना जरूरी हो जाता है। 23 सितंबर 2026 को The Indian Express की एक विस्तृत जांच में बताया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार लिखित आपत्तियाँ दर्ज कीं। मुख्य सवाल: क्या इन लिखित आपत्तियों पर क्या कार्रवाई हुई और संबंधित रिकॉर्ड जनता के सामने रखे जाएंगे? सवाल सिर्फ 14 आपत्तियों का नहीं है रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण, access और सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह सवाल उठाया कि मतदाता डेटाबेस में बदलाव ...
✍️ कलम की आवाज़ • विशेष रिपोर्ट खाने की थाली में खतरा: एक्सपायरी मिटाकर दोबारा बिक्री से लेकर ऑनलाइन डिलीवरी तक भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल भारत में खाद्य सुरक्षा को लेकर सामने आई घटनाओं ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है— क्या देश में खाद्य पदार्थों की निगरानी उस गति से हो रही है, जिस गति से खाद्य कारोबार और ऑनलाइन डिलीवरी बढ़ रही है? 🔴 बेंगलुरु में बड़ी कार्रवाई सितंबर 2026 में कर्नाटक Food Safety and Drugs Administration ने बेंगलुरु और आसपास कई food-storage तथा supply facilities की जाँच की। ₹1.38 करोड़ के expired और mislabelled food products जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा लगभग ₹4.02 लाख की ऐसी दवाएँ भी जब्त की गईं जिन्हें बिना वैध लाइसेंस के store किए जाने का आरोप था। जरूरी बात: किसी facility पर inspection या notice का अर्थ अपने-आप अपराध सिद्ध होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जाँच और कानूनी प्रक्रिया से तय होगी। 🔴 दिल्ली में expiry date बदलने का आरोप जुलाई 2026 में दिल्ली के Okhla Industrial Area में खाद्य सुरक्षा ...